Wednesday, November 4, 2026
JalandharPunjab

किसानों को 1150 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित; जिले में अब तक 4,67,198 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद – डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से गेहूं के अवशेष न जलाकर पर्यावरण संभाल में योगदान देने की अपील की

अनिल ऐरी 

किसानों को 1150 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित; जिले में अब तक 4,67,198 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद

– डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से गेहूं के अवशेष न जलाकर पर्यावरण संभाल में योगदान देने की अपील की

जालंधर, 2 मई:

जिले में चल रही गेहूं खरीद प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर श्री वरजीत वालिया ने बताया कि कल शाम तक जिले की मंडियों में कुल 4,68,149 मीट्रिक टन गेहूं की आमद हुई है। जिला प्रशासन द्वारा मंडियों में किए गए पुख्ता प्रबंधों के चलते, विभिन्न खरीद एजेंसियों द्वारा अब तक 4,67,198 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि जिले में किसानों से खरीदे गए गेहूं का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है, और अब तक 1150 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

गेहूं की लिफ्टिंग प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर देते हुए, डिप्टी कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह लिफ्टिंग के कार्य को और अधिक गति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि फसल की लिफ्टिंग निर्धारित समय के भीतर पूरी कर ली जाए।

श्री वालिया ने कहा कि पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार, जिला प्रशासन खरीद सीजन को उचित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के लिए पूरी तरह  वचनबद्ध है। इसी के तहत, खरीद की संपूर्ण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारू तौर से पूरी की जा रही है।

डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से एक महत्वपूर्ण अपील करते हुए कहा कि गेहूं की कटाई के बाद उसके अवशेषों को बिल्कुल भी न जलाया जाए। ऐसा इसलिए, क्योंकि इसे जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी कम हो जाती है। इसके अलावा, फसल  अवशेषों को जलाने से निकलने वाले धुएं के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।

उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वह फसल अवशेषों को न जलाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना बहुमूल्य योगदान दें। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए, सरकार द्वारा सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जा रही कृषि मशीनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।